शीशे का समुन्दर, पानी की दीवारें !!
शीशे का समुन्दर, पानी की दीवारें ! माया है , भरम है ! मोहब्बत की दुनिया !!
इस दुनिया में जो भी गया, वह तो गया !
शीशे का समुन्दर, पानी की दीवारें ! माया है , भरम है ! मोहब्बत की दुनिया !!
इस दुनिया में जो भी गया, वह तो गया !
हो .. शीशे का समुन्दर................... पानी की दीवारें !!
हो .. शीशे का समुन्दर................... पानी की दीवारें !!
बर्फ की रेतों पे, शरारों का ठिकाना ! गर्म सहराओं में, नर्मियों का फ़साना !!
यादों का आइना, रूठता है जहां ! सच की परछाइयाँ, हर जगह आती है नज़र !!
सोने के हैं बादल, पत्थरों की बारिश ! माया है , भरम है !
मोहब्बत की दुनिया, इस दुनिया में जो भी गया ..वो तो गया !
हो .. शीशे का समुन्दर- पानी की दीवारें, वो ओ ओ . . .
दिल की इस दुनिया में, सरहदें होती नहीं ! दर्द भरी आँखों में, राहतें सोती नहीं !!
जितने एहसास हैं, अन-बुझी प्यास है ! ज़िन्दगी का फलसफा, प्यार की पनाहों में छुपा !!
धूप की हवाएं, काँटों के बगीचे ! माया है , भरम है, मोहब्बत की दुनिया !!
इस दुनिया में जो भी गया, वह तो गया !
हो .. शीशे का समुन्दर, पानी की दीवारें !!
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